Class 10th Social Science Vvi Subjective Question Answer 2025 Bihar Board
नमस्कार दोस्तों बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के द्वारा आयोजित मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2025 किस लेख में हम आप सभी को सामाजिक विज्ञान का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन बताने वाले हैं जो सीधा आपका परीक्षा में टकराने वाला है सामाजिक विज्ञान का परीक्षा का 20 फरवरी को होने जा रही है उसी का हम यहां पर लघु उत्तरीय एवं लघु उत्तरीय प्रश्न लेकर आए हैं यदि आप लोग इस क्वेश्चन को याद कर लेते हैं तो आपका रिजल्ट काफी बेहतर होने वाला है तो आप लोग इस क्वेश्चन को जितना हो सके शेयर करें ।
Class 10th Social science
प्रश्न 1. बिहार में धान की फसल के उपयुक्त भौगोलिक दशाओं का उल्लेख करें।
उत्तर- बिहार में धान की फसल के लिए उपयुक्त सभी भौगोलिक दशाएँ मौजूद है। यहाँ गंगा के उत्तर तथा दक्षिण दोनों भागों में पर्याप्त जलोढ़ मिट्टी उपलब्ध है। पानी लिए मौनसून की वर्षा है। वर्षा नहीं होने पर सिंचाई के साधन विकसित किए गए है। वर्षा और सिचाई के बल पर ही यहाँ तीनों प्रकार के धान उपजता है। खरीफ, अगहनी तथा गरमा । तापमान भी धान की उपज के उपयुक्त रहता है। वैसे धान तो पूरे बिहार में उपजता है, लेकिन इसके मुख्य उत्पादक जिले हैं: (i) पश्चिम चम्पारण, (ii) रोहतास तथा (iii) औरंगाबाद । पश्चिमी चम्पारण पहले स्थान पर है तो रोहतास तथा औरंगाबाद क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
प्रश्न 2. बिहार में दलहन के उत्पादन एवं वितरण का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए ।
उत्तर- बिहार में सभी दलहनी फसलें उपजाई जाती हैं। दलहनी फसलों में बिहार में अरहर तथा चना काफी पसन्द किए जाते हैं। अतः ये उपजाए भी अधिक जाते हैं। इनके बाद मसूर, खेसारी, मटर, मूंग, उड़द का स्थान है। ये सभी पूरे बिहार में उपजाए जाते हैं, लेकिन पहले स्थान पर पटना, दूसरे स्थान पर औरंगाबाद तथा तीसने स्थान पर कैमूर जिले आते हैं। 2006-07 में रब्बी दलहनों की उपज 372 हजार मिट्रिक टन हुई वहीं खरीफ दलहनों की उपज 74 हजार मिट्रिक टन हुई। ये क्रमशः 519.6 हजार हेक्टेयर तथा 87.26 हजार हेक्टेयर भूमि पर बोए गए। ऊपर लिखित तीनों जिलों के अतिरिक्त लगभग सभी जिले कोई-न-कोई दलहनी फसल उगा लेते हैं।
प्रश्न 3. “कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।” इस कथन की व्याख्या कीजिए ।
उत्तर- जैसा कि हम जानते हैं। बिहार एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की 80% आबादी कृषि से जीविका प्राप्त करती है। यहाँ खाद्य, दलहन, तेलहन, व्यापारिक कृषि आदि सभी प्रकार की फसलें होती हैं। व्यापारिक फसलों में गन्ना, जूट, तम्बाकू, फल, मिर्च, जीरा, धनिया और हल्दी जैसे मसाले भी उपजाए जाते हैं। फलों में आम, लीची और केला की प्रमुखता है। यत्र-तत्र अमरूद की खेती भी होती है। यदि कृषि न रहे तो बिहार के लोग भूखों मर जायें। अतः स्पष्ट है कि ‘कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।’
प्रश्न 4. नदी धाटी परियोजनाओं के मुख्य उद्देश्यों को लिखें ।
उत्तर-नदी घाटी परियोजनाओं के मुख्य उद्देश्य निम्नांकित हैं :
- पन बिजली का उत्पादन करना।
- बाढ़ की रोकथाम के साथ ही मनोरंजन स्थानों को बढ़ाना।
- सिचाई की व्यवस्था करना तथा मछली पालन ।
- नहरों से सिंचाई तो होती ही है, ये यातायात का साधन भी है।
प्रश्न 5. बिहार में नहरों के विकांस से सम्बंधित समस्याओं को लिखें।
उत्तर- बिहार में नहरों के विकास की समस्याएँ ऐसी हैं, जिनको चाहकर भी दूर नहीं किया जा सकता। केवल उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के पश्चिमी जिले ही ऐसे हैं जहाँ की जमीन समतल और मुलायम है। शेष सभी जमीन ऊबड़-खाबड़, असमतल तथा पथरीली है, जहाँ नहर नहीं खोदी जा सकती। जहाँ नहरें खोदी गई हैं, वहाँ की समस्या है, नहर से जल रीस कर दोनों ओर की जमीन जलमग्न होकर बेकार हो जाती है। एक समस्या और है। वह है नहरों में गाद का जम जाना, जिसकी सफाई आवश्यक होती है। सफाई करने वाले ठेकेदार कुछ ऐसे ढंग अपनाते हैं, जिससे नहरों की सफाई के बदले उनकी दुर्गति हो जाती है।
प्रश्न 6. बिहार के किस भाग में सिंचाई की आवश्यकता है और क्यों?
उत्तर- बिहार के उन भागों में सिंचाई की आवश्यकता होती है, जहाँ वर्षा कम होती है। वास्तव में मानसून की ऋतु चार महीने की होती है, किन्तु वर्षा कभी-कभी ही हो पाती है। कहीं कम होती है तो कहीं पर्याप्त और कहीं अधिक। अर्थात समान रूप से सर्वत्र नहीं होती। जिन भागों में वर्षा नहीं होती या कम होती है, उन भागों में भी सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है। अवर्षन वाले भागों में सिंचाई न की जाय तो फसल मारी जाएगी।
प्रश्न 7. बिहार में वनों के अभाव के चार कारण दें।
उत्तर- बिहार में वनों के अभाव के चार कारण निम्नलिखित हैं:
- बिहार से झारखंड के अलग हो जाना।
- जो वन बच गए उनके संरक्षण पर ध्यान नहीं देना।
- बढ़ी हुई जनसंख्या के लिए अन्नोत्पादन के लिए जमीन हेतु वनों की कटाई।
- सड़कों के चौड़ीकरण तथा रिहायसी मकानों को बनाने हेतु पेड़ों की कटाई।
प्रश्न 8. संक्षेप में शुष्क पतझड़ वन की चर्चा कीजिए।
उत्तर- शुष्क पतझड़ वन शुष्क मौसम के आते ही अपने पत्ते गिरा देते हैं और पूर्णतः ढूँठ-से दिखाई देने लगते हैं। लेकिन तुरत बसंत के आते ही नये पत्ते निकल आते हैं और पेड़ हरे-भरे दिखने लगते हैं। बिहार के पूर्वी मध्यवर्ती भाग तथा दक्षिण-पश्चिम भागों में इसी प्रकार के वन मिलते हैं। खासकर कैमूर तथा रोहतास जिलों में शुष्क-पतझड़ वनों का विस्तार है। ऐसे वन के मुख्य वृक्ष हैं पलास, शीशम, नीम, अमलतास, खैर, हरें, बहेड़ा, महुआ इत्यादि ।
प्रश्न 9. विहार के ऐसे जिलों के नाम लिखिए जिन जिलों में वन-विस्तार एक प्रतिशत से भी कम है।
उत्तर- निम्नलिखित जिलों में वनों का विस्तार एक प्रतिशत से भी कम है: सिवान, सारण, बक्सर, पटना, गोपालगंज, वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, मधेपुरा, खगड़िया, नालन्दा इत्यादि ।
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